Thursday, December 26, 2013

एक दिन

एक दिन
फिर कभी
उन कही सुनी
गलियों में
फिर गुज़रेंगी
कुछ रातें
और दीवरें
सुनेंगीं
कुछ यारों कि आपबीती
एक दिन…



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